Thursday, July 13, 2023

विनायक का 200वां अंक

'विनाय'क का दो-सौवां अंक आज आपके हाथों में है। 17 अगस्त, 2011 के परिचय अंक के बाद रविवार और अवकाश के दिनों को छोड़ दें तो 22 अगस्त, 2011 से इस विनायक को आप तक नियमित पहुंचाने में हम सफल रहे हैं। देश में सांध्य दैनिकों की रविवार का अवकाश रखने की परंपरा रही है।

परिचय अंक के पहले सम्पादकीय से आज जब फिर से गुजरे तो यह पाया कि उसमें किये सभी वादों पर विनायक अभी भी खरा नहीं है, लेकिन ऐसा भी नहीं है कि पाठक उत्तीर्ण हो सकने जितने अंक भी विनायक को ना दें। जितना अधिकतम कर सकते थे हमने करने का प्रयास किया है, जिसमें ताजे समाचार देने का जो हमारा वादा था उसके लिए तो शत-प्रतिशत प्रयास किया है, अलावा इसके यह कि पाठकों ने विनायक के साथ संपादकीय पढऩे की आदत बनाई है जिसे उल्लेखनीय कहा जा सकता है-हो सकता है हमारी बातों से कुछ पाठकों की सहमति ना हो-ऐसा एक जागरूक समाज में संभव है।

उम्मीद है आगामी कुछ महीनों में विनायक आठ पृष्ठों में और दोरंगी छपाई के साथ आपके हाथों में होगा-इसके लिए वेब प्रिंटिंग मशीन की स्थापना का कार्य चल रहा है। विनायक ने अपना एक नियमित पाठक समुदाय बनाया है। उन्हीं से उम्मीद है कि, वे बतायें कि जोड़ के इन चार नये पृष्ठों में किस तरह की सामग्री को वे पढऩा-देखना चाहेंगे, ताकि हम अपनी तैयारी उसी के अनुसार करें।

पाठकों का, विज्ञापनदाताओं का सांखला प्रिण्टर्स परिवार और विनायक टीम का आभार स्वीकार तो है ही।

 —दीपचन्द सांखला

14 अप्रेल, 2012

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